नेपाली क्रान्ति : इतिहास, वर्तमान परिस्थिति और आगे के रास्ते से जुड़ी कुछ बातें, कुछ विचार

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इस पुस्तिका में ‘बिगुल’ में मई, 2008 से लेकर जनवरी-फ़रवरी 2010 के अंक तक नेपाल के कम्युनिस्ट आन्दोलन और वहाँ जारी क्रान्तिकारी संघर्ष के बारे में लिखे गये आलोक रंजन के लेखों को कालक्रम से प्रकाशित किया गया है। भारत में और पूरी दुनिया में, ऐसे वाम बुद्धिजीवियों की कमी नहीं है जो अँधेरे में उम्मीदों का चिराग़ ढूँढ़ते हुए दुनिया के किसी कोने में भड़क उठने वाले क्रान्तिकारी संघर्ष के बारे में मनोगतवादी ढंग से अत्यधिक आशान्वित हो जाते हैं। उनका आशावाद तर्कविहीन, रूमानी आशावाद होता है। ऐसे लोग क्रान्ति के विचारधारात्मक प्रश्नों-समस्याओं और इतिहास की सूक्ष्म-सघन पड़ताल नहीं…

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