जंगलनामा : एक राजनीतिक समीक्षा

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यह पुस्तिका, श्री सतनाम द्वारा पंजाबी भाषा में लिखी गयी किताब ‘जंगलनामा,’ की एक राजनीतिक समीक्षा है जो पंजाबी पत्रिका ‘जैकारा’ के दसवें अंक में प्रकाशित हुई थी।        “अगर विश्वास विज्ञानसंगत न हो, तो आत्मविश्वास की इन्तिहा भी अन्धविश्वास में बदल जाती है। ख़ून बहना, कुर्बानी देना क्रान्ति की ज़रूरी शर्त है, लेकिन इतना ही काफ़ी नहीं है। सिरफ़ ख़ून बहाने से ही समाज नहीं बदले जाते, सिरफ़ इतिहास की मिसालों से प्रेरणा लेकर ही नया इतिहास नहीं बनाया जाता है, ज़रूरी है कि उसकी विज्ञानसंगत समझदारी भी क़ायम की जाये, सही रणनीति तय की जाये। क्रान्ति महज़ भावनात्मक…

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