बोलते आँकड़े चीख़ती सच्चाइयाँ

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बोलते आँकड़े चीखती सच्चाइयाँ: नवउदारवादी अर्थनीति के 18 वर्ष – भारत की तरक्की के दावों की ढोल की पोल: समृद्धि के तलघर में नर्क का अँधेरा आँकड़ों के ज़रिए निजीकरण-उदारीकरण के दो दशकों के ”विकास“ की असली तस्वीर। पीडीएफ डाऊनलोड करने के लिए यहाँ क्लिक करें।

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