भारतीय कृषि में पूँजीवादी विकास

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प्रस्तुत निबन्ध कुछ प्रतिनिधि आँकड़ों और तथ्यों के आधार पर भारतीय कृषि के पूँजीवादी रूपान्तरण की एक आम तस्वीर उपस्थित करता है। कम्युनिस्ट-क्रान्तिकारियों की उस नयी पीढ़ी के लिए, जो भारतीय क्रान्ति की समस्याओं को पूर्वाग्रह और कठमुल्लेपन से मुक्त होकर जानना-समझना चाहती है, यह एक निहायत ज़रूरी पुस्तिका है।

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