मज़दूर आन्दोलन में नयी शुरुआत के लिए

20.00

भारत के क्रान्तिकारी मज़दूर आन्दोलन में मौजूद गतिरोध को तोड़ने और एक नयी शुरुआत के लिए जिन मुद्दों पर आज गहराई से और बिना देर किये सोचे जाने की ज़रूरत है, उन्हें मज़दूर अख़बार ‘नयी समाजवादी क्रान्ति का उद्घोषक बिगुल’ के लेखों में लगातार उठाया जाता रहा है। इस पुस्तिका में पाठकों के लिए ‘बिगुल’ के हाल के कुछ अंकों में प्रकाशित दो अत्यन्त महत्त्वपूर्ण लेख प्रस्तुत किये गये हैं जिनमें मज़दूर आन्दोलन को क्रान्तिकारी आधार पर पुनर्संगठित करने, क्रान्तिकारी पार्टी के निर्माण एवं गठन के प्रश्न और भारत में एक नये सर्वहारा नवजागरण तथा सर्वहारा प्रबोधन के कार्यभारों पर…

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