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समाजवाद और युद्ध
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‘समाजवाद और युद्ध’ (1915) में लेनिन ने न्यायपूर्ण और अन्यायपूर्ण युद्धों के बीच फ़र्क़ को स्पष्ट किया और अन्यायपूर्ण, साम्राज्यवादी युद्ध में मज़दूर वर्ग की नीति क्या हो, इस सम्बन्ध में मार्क्सवाद की बुनियादी शिक्षाओं का समाहार प्रस्तुत किया। उन्होंने दिखाया कि 1914 में शुरू हुआ युद्ध साम्राज्यवादी शक्तियों के दो प्रतिद्वन्द्वी धड़ों के बीच छिड़ा साम्राज्यवादी युद्ध था। ऐसे युद्ध में दोनों पक्षों के मज़दूर वर्ग को अपने साम्राज्यवादियों का विरोध करना चाहिए, और “साम्राज्यवादी युद्ध को गृहयुद्ध में बदल देने” की कोशिश करनी चाहिए। लेनिन ने दिखाया कि साम्राज्यवादी युद्ध भड़क उठने के बाद साम्राज्यवादी सरकारों को उखाड़…
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