Your cart is currently empty!
पाप और विज्ञान
₹100.00
क्या वेश्यावृत्ति, देह व्यापार, गुप्त रोग, गर्भपात, व्यभिचार, तलाक़, शराबखोरी जैसी सामाजिक बुराइयों का कोई मुकम्मिल समाधान मुमकिन है? आम तौर पर लोग इन सामाजिक बुराइयों को पाप कहते हैं और इनके लिए धार्मिक और आध्यात्मिक समाधानों पर ज़ोर देते हैं। कुछ लोग तो यहां तक दावा करते हैं कि ये समस्यायें सनातन काल से चली आ रही हैं और आगे भी जारी रहेंगी। लेकिन बहुत कम लोग इस सच्चाई से वाकिफ़ हैं कि 1917 की महान अक्टूबर क्रान्ति के बाद स्थापित मज़दूरों के राज्य सोवियत संघ ने न सिर्फ़ शोषणकारी उत्पादन सम्बन्धों में आमूलचूल परिवर्तन किया बल्कि तमाम सामाजिक-नैतिक…
Additional information
| Author | |
|---|---|
| Publication | |
| Language | |
| ISBN |





