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जब मैं जड़ों के बीच रहता हूँ
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नेरूदा ने न सिर्फ चीले, बल्कि समूचे लातिन अमेरिकी महाद्वीप को एक नयी आवाज़, एक नयी भाषा दी और ऐसा करते हुए उन्होंने कविता को नये सिरे से परिभाषित किया। उनकी कविता दशकों तक लातिन अमेरिकी जनता को स्वप्न देखना और उनके लिए लड़ना सिखाती रही और आज लोक-स्मृतियों के समान वह उसके जीवन में रच-बस गयी है। (संकलन से एक कवितांश) मैं शब्दों का प्याला पीता हूँ एक शब्द उठाता हूँ जैसे वह एक चमकता हुआ प्याला हो मैं इसमें भाषा की शुद्ध शराब पीता हूँ या अनन्त जल भाषा का मातुल स्रोत और प्याला, और जल, और शराब…
Additional information
| Author | |
|---|---|
| Selection & Translation | Ramkrishna Pandey |
| Publication |





