एक तयशुदा मौत

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‘एक तयशुदा मौत’ मोहित राय के बंगला के लघु उपन्यास ‘एकटि अवधारित मृत्यूर धाराविवरणी’ का अनुवाद है। भारत में पिछले दो-तीन दशकों के दौरान गैर सरकारी संगठनों (एनजीओ) का जबर्दस्त प्रसार हुआ है। देश के कोने-कोने में और जीवन के हर क्षेत्र में इनकी घुसपैठ हो चुकी है। आमूल परिवर्तनवादी सामाजिक आन्दोलन की धार को कुन्द करने में इनकी भूमिका और इनके पीछे की राजनीति को लेकर आलोचनाएं तेज हो रही हैं। दूसरी ओर, अन्तरराष्ट्रीय पूंजी ने इनके पीछे अपनी पूरी ताकत लगा दी है। एनजीओ में काम करने वाले एक कार्यकर्ता की हत्या के बारे में जानकारी जुटाने निकले…

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