द्वन्द्वात्मक भौतिकवाद

50.00

द्वन्द्वात्मक भौतिकवाद मार्क्सवाद की सैद्धान्तिक बुनियाद है। इसे अच्छी तरह समझकर और द्वन्द्ववादी पद्धति के इस्तेमाल में महारत हासिल करके ही मार्क्सवाद को सच्चे अर्थों में ‘जड़सूत्र नहीं, कर्मों का मार्गदर्शक सिद्धान्त’ बनाया जा सकता है। अदोरात्सकी की यह पुस्तिका स्तालिनकाल में लिखी गई थी जब सोवियत संघ में समाजवादी निर्माण के बड़े-बड़े डग भरे जा रहे थे और साथ ही दर्शन और विचारधारा के क्षेत्र में भी समाजवादी निर्माण का विरोध करने वालों के विरुद्ध संघर्ष छिड़ा हुआ था। मार्क्स-एंगेल्स व लेनिन के अवतरणों को प्रभावी ढंग से पिरोते हुए यह छोटी सी पुस्तिका बहुत सुबोध शैली में द्वन्द्वात्मक…

Additional information

Author

Publication