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बेकरी का मालिक
₹25.00
मक्सिम गोर्की का यह उपन्यास रूसी भाषा में पहली बार मार्च, 1913 में बर्लिन में ‘मालिक’ (‘द मास्टर’) नाम से प्रकाशित हुआ था। कुछ वर्षों बाद इसका अंग्रेजी अनुवाद प्रकाशित हुआ। अंग्रेजी से इसका हिन्दी अनुवाद प्रतिष्ठित अनुवादक नूर नबी अब्बासी ने किया था जो लगभग आधी सदी पहले ‘बेकरी का मालिक’ शीर्षक से दिल्ली से प्रकाशित हुआ था। गोर्की की इस कृति की चर्चा अपेक्षाकृत कम होती रही है, लेकिन कलात्मक मूल्य की दृष्टि से यह अल्पज्ञात रचना ‘फोमा गोर्देयेव’, ‘वे तीन’, ‘मां’, ‘अर्तामानोव्स’ और सुविख्यात आत्मकथात्मक उपन्यास त्रयी की कतार में ही प्रतिष्ठित होने योग्य है।
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