श्रेष्ठ सोवियत कहानियाँ (तीन खण्डों में) – खण्ड दो

150.00

उन्नीसवीं शताब्दी के रूसी यथार्थवादी कथा-साहित्य की समृद्ध परम्परा निर्मित की, उसे ही बीसवीं शताब्दी में गोर्की, अलेक्सेई तोल्स्तोय, लव्रेन्योव, बुल्गाकोव, पाउस्तोव्स्की, फ़ेदिन, प्लातोनोव, शोलोखोव आदि सोवियत लेखकों ने आगे विस्तार दिया। समाजवादी यथार्थवादी कथाधारा का विकास करने वाले लेखकों को रूसी आलोचनात्मक यथार्थवाद की समृद्ध और उर्वर ज़मीन विरासत के रूप में मिली थी। बीसवीं शताब्दी के समाजवादी प्रयोगों की महान उपलब्धियों पर धूल-राख डालने के इस अभिशप्त समय में समाजवादी कला-साहित्य के प्रयोगों और उपलब्धियों को भी भुला दिया गया है। नयी पीढ़ी का उनसे परिचय न के बराबर ही है। परिकल्पंना प्रकाशन से प्रकाशित इस संकलन के…

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