उपन्यास और जनसमुदाय

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रैल्फ फ़ॉक्स की यह सुप्रसिद्ध कृति नॉवल एण्ड द पीपुल 1956 में फॉरेन लैंग्वेजेज़ पब्लिशिग हाउस, से आर. पोमेरान्त्सेवा की सारगर्भित और सुदीर्घ प्रस्तावना के साथ प्रकाशित हुई थी। हिन्दी में जब पीपुल्स पब्लिशिग हाउस से 1957 में इसका प्रकाशन उपन्यास और लोक जीवन नाम से हुआ, तो उससे आर. पोमेरान्त्सेवा की प्रस्तावना हटा दी गयी और उसकी जगह रामविलास शर्मा द्वारा लिखी गयी एक प्रस्तावना दी गयी। पोमेरान्त्सेवा की प्रस्तावना महज़ एक प्रस्तावना न होकर एक गम्भीर निबन्ध है जो रैल्फ फ़ॉक्स के आलोचना-कर्म एवं साहित्येतिहास विषयक लेखन का गहन-गम्भीर मूल्यांकन करती है। नॉवल एण्ड द पीपुल में मूल…

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