अब इन्साफ़ होने वाला है

125.00

उर्दू कहानियों का प्रस्तुत संग्रह अपनेआप में विशिष्ट और महत्त्वपूर्ण संग्रह है। इसे हिन्दी में उर्दू कहानियों का पहला प्रतिनिधि संकलन कह सकते हैं। एक ही संग्रह में एक साथ पाँच कथा पीढ़ियों को संगृहित करना गागर में सागर भरना है। और वह भरा गया है। इसमें पाकिस्तान के अनेक चर्चित कथाकार भी शामिल हैं जिससे संग्रह का महत्त्व अतिरिक्त रूप से बढ़ गया है।

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Editor

Shakeel Siddiqui

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